चारण नारायण सिंह गाडण ट्रस्ट (देशनोक) डांडूसर की ओर से हार्दिक स्वागत
   
   
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चारण नारायण सिंह गाडण ट्रस्ट द्वारा सम्मानित वर्षवार होनहार छात्र/छात्राओं की सूची
सन् 1988 में इस ट्रस्ट की स्थापना की गई। इस ट्रस्ट का प्रमुख उद्देश्य चारण प्रतिभाओं को प्रोत्साहन प्रदान करना हैं। यद्यपि प्रतिभाएं प्रोत्साहन की मोहताज नहीं होती तथापि अन्तर्मन से दी हुई एक शाबासी और आशीर्वाद जीवन का रुख बदल देता है। सम्मान अथवा प्रोत्साहन का एक गहरा मनोविज्ञान है।
सम्मान एवं प्रोत्साहन से प्रतिभा का मनोबल द्विगुणित हो जाता है। यह प्रोत्साहन - सम्मान प्रतिभा को पूर्णतया खिलने में मददगार होता है। फिर देशनोक भगवती का दरबार और सम्पूर्ण चारण जाति की उपस्थिति इस पुरस्कार एवं सम्मान की गरिमा में चार चांद लगा देते हैं। इस ट्रस्ट द्वारा आसोज नवरात्री में करणी जी महाराज के जन्म दिवस सप्तमी पर आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह को भगवती श्री करणी जी महाराज द्वारा प्राप्त आशीर्वाद समारोह ही समझा जाता हैं। इसलिए इस पुरस्कार की महत्ता अत्यधिक बढ़ गयी हैं। पुरस्कृत होने वाले छात्र - छात्रा भी एक सामाजिक दायित्व बोध से प्रेरित होते हैं। जिससे उनकी सामाजिक प्रतिबद्धता को वृद्धि प्राप्त होती हैं। इस प्रकार चारण नारायण सिंह गाडण ट्रस्ट से पुरस्कृत एवं सम्मानित विद्यार्थी भगवती करणी जी महाराज के दरबार से एक नई प्रेरणा एवं एक नया उत्साह, एक नई सामाजिक प्रतिबद्धता का बोध लेकर अपने गंतव्य को प्रस्थान करते हैं। यही इस ट्रस्टके लक्ष्य की प्राप्ति है। यही उद्देश्यसिद्धि हैं।
पुरस्कृत छात्र/छात्राओं की वर्षवार सूची
(1) सन् 1988 में पुरस्कृत किये गये छात्र व छात्राओं की संख्या:- छात्र - 19 छात्रा - 3 कुल = 22
(2) सन् 1989 में पुरस्कृत किये गये छात्र व छात्राओं की संख्या:- छात्र - 30 छात्रा - 2 कुल = 32
(3) सन् 1990 में पुरस्कृत किये गये छात्र व छात्राओं की संख्या:- छात्र - 21 छात्रा - 5 कुल = 26
(4) सन् 1991 में पुरस्कृत किये गये छात्र व छात्राओं की संख्या:- छात्र - 36 छात्रा - 4 कुल = 40
(5) सन् 1992 में पुरस्कृत किये गये छात्र व छात्राओं की संख्या:- छात्र - 27 छात्रा - 9 कुल = 36
(6) सन् 1993 में पुरस्कृत किये गये छात्र व छात्राओं की संख्या:- छात्र - 37 छात्रा - 5 कुल = 49
(7) सन् 1994 में पुरस्कृत किये गये छात्र व छात्राओं की संख्या:- छात्र - 38 छात्रा - 14 कुल = 52
(8) सन् 1995 में पुरस्कृत किये गये छात्र व छात्राओं की संख्या:- छात्र - 43 छात्रा - 13 कुल = 56
(9) सन् 1996 में पुरस्कृत किये गये छात्र व छात्राओं की संख्या:- छात्र - 82 छात्रा - 16 कुल = 98
(10) सन् 1997 में पुरस्कृत किये गये छात्र व छात्राओं की संख्या:- छात्र - 54 छात्रा - 20 कुल = 74
(11) सन् 1998 में पुरस्कृत किये गये छात्र व छात्राओं की संख्या:- छात्र - 79 छात्रा - 29 कुल = 108
(12) सन् 1999 में पुरस्कृत किये गये छात्र व छात्राओं की संख्या:- छात्र - 76 छात्रा - 26 कुल = 102
(13) सन् 2000 में पुरस्कृत किये गये छात्र व छात्राओं की संख्या:- छात्र - 101 छात्रा - 22 कुल = 123
(14) सन् 2001 में पुरस्कृत किये गये छात्र व छात्राओं की संख्या:- छात्र - 116 छात्रा - 28 कुल = 144
(15) सन् 2002 में पुरस्कृत किये गये छात्र व छात्राओं की संख्या:- छात्र - 134 छात्रा - 37 कुल = 171
(16) सन् 2003 में पुरस्कृत किये गये छात्र व छात्राओं की संख्या:- छात्र - 173 छात्रा - 62 कुल = 235
(17) सन् 2004 में पुरस्कृत किये गये छात्र व छात्राओं की संख्या:- छात्र - 161 छात्रा - 59 कुल = 220
(18) सन् 2005 में पुरस्कृत किये गये छात्र व छात्राओं की संख्या:- छात्र - 171 छात्रा - 97 कुल = 268
(19) सन् 2006 में पुरस्कृत किये गये छात्र व छात्राओं की संख्या:- छात्र - 239 छात्रा - 74 कुल = 313
(20) सन् 2007 में पुरस्कृत किये गये छात्र व छात्राओं की संख्या:- छात्र - 195 छात्रा - 87 कुल = 282
(21) सन् 2008 में पुरस्कृत किये गये छात्र व छात्राओं की संख्या:- छात्र - 288 छात्रा - 104 कुल = 392
(22) सन् 2009 में पुरस्कृत किये गये छात्र व छात्राओं की संख्या:- छात्र - 298 छात्रा - 166 कुल = 464
(23) सन् 2010 में पुरस्कृत किये गये छात्र व छात्राओं की संख्या:- छात्र - 385 छात्रा - 174 कुल = 559

श्री डूंगरदान बिठू, सींथल